Hair Loss \ बालों का झड़ना

लोग बालो कि समस्या से काफ़ी परेशान हैं, जैसे की बाल झड़ना या गंजे हो जाना आदि...

प्रदूषण, असंतुलित आहार और रसायनयुक्त तेल आदि के अंधाधुंध इस्तेमाल की वजह से आजकल बालों का झड़ना और उनके असमय सफेद होने की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

-आयुर्वेदिक उपचारों की मदद से बालों से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

- प्रदूषण, असंतुलित आहार और रसायनयुक्त तेल आदि के अंधाधुंध इस्तेमाल की वजह से आजकल बालों का झड़ना और उनके असमय सफेद होने की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक उपचारों की मदद से इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। आज हम आपको पांच ऐसे आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बालों से जुड़ी हर समस्या के निदान में बेहद लाभकारी होते हैं।

नुस्खे :-

 1.भृंगराज भृंगराज को किंग ऑफ हेयर कहा जाता है। इसमें बालों को झड़ने से रोकने तथा उन्हें असमय सफेद होने से बचाने के अद्भुत गुण विद्यमान होते हैं। भृंगराज के तेल या फिर उसके पेस्ट का इस्तेमाल बालों की समस्याओं से निजात पाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा सूखे भृंगराज में थोड़ा सा पानी मिलाएं और इसे सिर की त्वचा पर लगाएं। इससे बालों को काफी मजबूती मिलती है।

2.आंवला  बालों का झड़ना रोकने की बात हो और आंवले की चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। बालों की हर एक समस्या के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी इलाज अगर आयुर्वेद में कुछ भी है तो वह आंवला है। यह बालों को मजबूती तो देता ही है साथ ही साथ उन्हें चमक प्रदान करने, असमय सफेद होने से बचाने में भी मददगार है। नियमित आंवला जूस पीने से या फिर आंवले का तेल बालों में लगाने से बालों से संबंधित हर समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा आप आंवला और मेंहदी का हेयर पैक भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आंवला और मेंहदी पाउडर को दही के साथ मिलाकर पेस्ट बना लीजिए और बालों में लगाइए। दो घंटे बाद बाल धो लीजिए।

3.एक मुट्ठी नीम को पानी में उबालकर ठंडा कर लीजिए। अब इसे छानकर पत्तियां अलग कर लीजिए। नहाते समय सबसे आखिर में इस पानी से बाल धोइए। हफ्ते में तीन बार इस नुस्खे से बाल धोने से आपको अप्रत्याशित परिणाम दिखाई देंगे।

4.थोड़ा सा रीठा रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उबाल लें। नहाते समय आप इसे शैंपू की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए बाल धोने के बाद इसे स्कैल्प पर लगाकर 5 मिनट तक मसाज करें और बाद में बाल धो लें। हर दूसरे दिन इस तरीके से बाल धोएं। बहुत जल्दी ही इसका असर आपके बालों पर दिखाई पड़ने लगेगा।

5.शिकाकाई को जब पानी के साथ इस्तेमाल किया जाता है तो यह एक प्राकृतिक शैंपू की तरह काम करता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए शिकाकाई को रात भर पानी में भिगोकर रखें। फिर इसे बालों को धोने के लिए इस्तेमाल करें। स्कैल्प्स की हेल्थ को दुरुस्त रखने के अलावा यह बालों के झड़ने की समस्या को भी दूर करने में कारगर है।

कैसे तैयार करें यह नुश्खा..?

*कनेर के 60-70 ग्राम पत्ते (लाल या पीली दोनों में से कोई भी या दोनों ही एक साथ ) ले लें| उन्हें पहले अच्छे से सूखे कपडे से साफ़ कर लें ताकि उन पर जो मिटटी है वो निकल जाये| अब एक लीटर सरसों का तेल या नारियल का तेल या जेतून का तेल ले के उसमे पत्ते काट काट के डाल दे , अब तेल को गरम करने के लिए रख दें | जब सारे पत्ते जल कर काले पड़ जाएँ तो उन्हें निकाल कर फेंक दें और तेल को ठण्डा कर के छान ले और किसी बोटल में भर के रख लें|

प्रयोग करने का तरीका..

रोज़ जहाँ जहाँ पर भी बाल नहीं हैं वहां वहां पर यह थोडा सा तेल लेकर बस 2 मिनट मालिश करनी है |ये आप रात को सोते हुए भी लगा सकते हैं और दिन में काम पर जाने से पहले भी |

परिणाम-

बस एक महीने में आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा| सिर्फ 10 दिन के अन्दर अन्दर बाल झड़ने बंद हो जायेंगे या बहुत ही कम और नए बाल भी एक महीने तक आने शुरू हो जायेंगे |

यह उपाय पूरी तरह से परीक्षित है |

इसका हमने बहुत से लोगो पर सफल परीक्षण किया है |

 

कृपया ध्यान दे-

पीले पत्ते वही ले जो पेड़ पर पक कर पीले हो जाये..

पीले होने के बाद वो थोड़ा लाल भी हो जाते है.. वो भी ले सकते है..

चेतावनी-

कनेर के पोधे में जो रस होता है, वह बहुत ही जहरीला होता है| यह सिर्फ बाह्य प्रयोग के लिए है|

कृपया गलती से भी इसे taste न करें और बच्चों की पहुंच से दूर रखें|

*टकले सिर पर फिर से बाल उगायें…

सामग्री-

जैतून का तेल 100 ml

नारियल तेल 100 ml

कैस्टर आयल (अरण्डी का तेल ) 50 ml

सरसों का तेल  50 ml

कढ़ी पत्ता का पाउडर 3 चम्मच

गुड़हल के फूलों का पाउडर 3 चम्मच

कनेर के पत्तों का पाउडर 1 चम्मच

नीम के पत्तों का पाउडर 1चम्मच

कलौंजी पाउडर 4 चम्मच

मेथी दाना पाउडर 3 चम्मच

विटामिन E कैप्सूल 10-15

विधि- सभी औषधियों को अच्छे से सुखाकर पाउडर बना कर महीन कपड़े में से छान लें और सभी तेलों को एक कांच की बोतल में डालकर उसमे इन औषधियों के मिश्रण को अच्छे से मिक्स करके 4 - 5 दिन धूप में रखें और बीच बीच मे हिलाते रहें |4 -5 दिन के बाद इस तेल को अच्छे से हिलाकर बारीक कपड़े में से छानकर रख लें या चाहे तो बिना छाने ही प्रयोग करें |

 

विधि-सरसो का तेल फ्राई पेन में गर्म करके सभी औषधियों को इसमे डालकर हल्का लाल होने तक भून लें (आग धीमी रखें),इसके बाद तेल को ठंडा होने पर छान लें और छनी हुई औषधियों को फेंक दें तथा तेल को बाकी के सभी तेलों में मिक्स करके प्रयोग करें |

नोट:- इस विधि में कड़ी पत्ते, कनेर के पत्ते और गुड़हल के फूलों के पाउडर की मात्रा..  एक एक चमच्च ज्यादा रखें |

 

प्रयोग –

-रोज रात को इस तेल से.. सर पर 5-7 मिनट.. हल्के हाथों से मालिश करनी है.. और रातभर इसे लगाकर छोड देना है| सुबह नहाने से आधा या एक घण्टे पहले प्याज का रस निकालकर तेल की तरह बालों में लगाना है आधा घण्टे से एक घण्टे तक लगाकर रखने के बाद आप नहा सकते हैं|

आप चाहें तो हल्के साबुन या शैम्पू का प्रयोग कर सकते हैं |

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