टमाटर / TOMATO

परिचय :
टमाटर का उपयोग सब्जी बनाने में किया जाता है। इसे सलाद में डाला जाता है जिसके फलस्वरूप सलाद की पौष्टिक्ता बढ़ जाती है। इसमें कई प्रकार के पौष्टिक गुण पाये जाते हैं जिसके कारण टमाटर की गणना फलों में की जाती है। इस समय टमाटर का प्रयोग सॉस (चटनी) बनाने में अधिक किया जाता है। संतरा और अंगूर से ज्यादा लाभदायक टमाटर होता है। टमाटर में पाये जाने वाले विटामिन गर्म करने से खत्म नहीं होते हैं। भारी वर्षा वाली और शीत ऋतु को छोड़कर किसी भी ऋतु में इसके बीजों की पनीरी बनाकर इसे उगाया जा सकता है। अक्सर वर्ष में 2 बार मई-जून तथा अक्टूबर-नवम्बर मास में टमाटर बोए जाते हैं।
टमाटर में विटामिन ए , बी और सी अधिक पाया जाता हैं। इसमें विटामिन `ए´ ज्यादा पाया जाता है। प्रतिदिन 5 लाल टमाटर का सेवन करने से जितनी विटामिन `ए´ की आवश्यकता शरीर को होता है वह उसे मिल जाता है। टमाटर में बी-कॉम्पलेक्स भी पाया जाता है जो विटामिन का ही एक रूप है। 200 ग्राम टमाटर में 0.18 ग्राम प्रोटीन, 0.4 ग्राम वसा, 7.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट आदि पोषक तत्व होते हैं। 200 ग्राम टमाटर से 40 कैलोरी ऊर्जा शरीर को प्राप्त हो सकती है।
टमाटर में कैल्शियम अन्य फल-सब्जियों की तुलना में ज्यादा पाया जाता है। कैल्शियम हडि्डयों को मजबूत बनाता है। दांतों एव हडि्डयों की कमजोरी दूर करने के लिए टमाटर का सेवन बहुत उपयोगी है।
टमाटर में लोहा तत्व बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है । गर्भावस्था के दौरान लौह तत्व की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। टमाटर में लौह तत्व अंडे की तुलना में 5 गुना अधिक होता है। 1 गिलास टमाटर का रस पीने से रक्तहीनता दूर होकर खून की वृद्धि होती है।

रंग : कच्चे टमाटर हरे रंग के खट्टे होते हैं परंतु जब ये पकने लगते हैं तब चमकते लाल रंग के होते हैं।

स्वरूप : टमाटर की आकृति, रंग और स्वाद अलग-अलग होते हैं। टमाटर जितने बड़े होते हैं उतने ही गुणकारी होते हैं।

प्रकृति : टमाटर की प्रकृति न तो ठंडी और न ही गर्म होती है।

गुण : पके टमाटर भोजन के साथ लेने से भूख बढ़ती है तथा पाचन शक्ति भी ठीक हो जाती है और खून एवं पित्त से सम्बंधित अनेक रोग दूर हो जाते हैं। टमाटर का रस पीने से तन-मन ताजी हो जाती है तथा सुस्ती दूर हो जाती है। गर्भवती स्त्रियों के लिए एवं मासिकस्राव में शारीरिक एवं मानसिक शक्ति बढ़ाने के लिए टमाटर का रस उत्तम होता है। कम वजन वाले लोग यदि भोजन के साथ पक्के टमाटर खाएं तो उनका वजन बढ़ने लगता है। कमजोर शरीर वाले लोग को भोजन के साथ टमाटर अवश्य खाना चाहिए। टमाटर का सेवन करने से जलन शांत होती है। यह पेट के दर्द को ठीक करता है। यह दस्तावर तथा खून को शुद्व करने वाला होता है और पाचनतंत्र की क्रिया को सुधारने में यह लाभकारी है। यह बवासीर, पीलिया और तेज बुखार को दूर करता है। इसका सेवन करने से कब्जियत दूर होती है। टमाटर पेट के गैस को खत्म करता है। पके टमाटर के रस में पुदीना , अदरक ,धनिया और सेंधानमक मिलाकर उबालकर चटनी बना लें और इस चटनी को भोजन के साथ खाने से मुंह का स्वाद अच्छा होता है, भोजन में भूख बढ़ता है, पके टमाटर का रस निकालकर उसमें अदरक और नींबू का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

वैज्ञानिक मतानुसार : टमाटर में लौह तथा अन्य क्षार प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। संतरे, द्राक्ष (मुनक्का) , सेब व मौसंमी आदि फलों की अपेक्षा इसमें खून उत्त्पन्न करने की शक्ति के कई गुणा अधिक होती है। इसमें लौह, पोटाश, चूना, लवण तथा मैगनीज पर्याप्त मात्रा पाया जाता है। टमाटर लीवर, गुर्दा और अन्य रोगों को ठीक करने में लाभकारी है। यह आंतों की क्रिया को सुधारता है और इसके सेवन से कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है।

हानिकारक : टमाटर का उपयोग आमवात , अम्लपित, सन्धिवात (जोड़ों के दर्द) , सूजन और पथरी के रोगियों को नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उनके लिये हानिकारक होता है। ऐसे रोगियों के लोगों को टमाटर नहीं खाना चाहिए। जिन्हें शीतपित्त का कष्ट हो, शरीर में गर्मी ज्यादा हो, जठर, आंतों अथवा गर्भाशय में उपदंश हो, दस्त लग गए हों उन्हें टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए। टमाटर खाने के बाद पानी (जल) न पीएं। टमाटर में तेजाबी अंश होते हैं जो पेट साफ रखता है। तेज खांसी और पथरी के रोगी को टमाटर नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए नुकसानदायक होता है। मांस पेशियों में दर्द, तथा शरीर में सूजन हो तो टमाटर नहीं खाना चाहिए।

विभिन्न रोगों में उपयोगी
1. कब्ज :
कब्ज की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन लगभग 50 ग्राम टमाटर खाने से लाभ मिलता है।
कच्चा टमाटर सुबह और शाम खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है।
टमाटर खाने से कब्ज खत्म होती है और आमाशय व आंतों की सफाई करता है।
टमाटर के रस में थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर रोजाना खाने से गैस नहीं बनती है और कब्ज दूर हो जाती है।
पक्के टमाटर का रस एक कप पानी में मिलाकर पीने से पुरानी से पुरानी कब्ज़ दूर होती है और आंतों को ताकत भी मिलती है।
2. पाचन शक्ति में सुधार : टमाटर को लगातार खाने से कब्ज नहीं होती है और दस्त साफ होता है। यह आंखों के जख्म को दूर करता है। टमाटर बड़ी आंतों को ताकत देता है। पाचनशक्ति को ठीक करता है। टमाटर आमाशय के जहर को बाहर निकालकर उसके रोग को दूर करता है।
3. शक्तिवर्धक (ताकत को बढ़ाने वाला) : सुबह के समय नाश्ते में एक गिलास टमाटर के रस में थोड़ा शहद मिलाकर पीने से चेहरा टमाटर की तरह लाल हो जाता है। इसके सेवन से याददाश्त बढ़ती है। टमाटर लीवर तथा फेफड़ों को मजबूती प्रदान करती है।
4. शिशु शक्तिवर्धक ( शिशु की ताकत को बढ़ाने के लिए) : बच्चों की माताओं को टमाटर का सेवन करना चाहिए और अपने बच्चों को भी रोज टमाटर का रस पिलायें। इससे बच्चों के शरीर का विकास अच्छा होता है। पाचन शक्ति अच्छी रहती है और दांत भी आसानी से निकल जाते हैं। इसके अलावा शरीर की सुस्ती, पेट के अतिसार (दस्त), पीलिया तथा पेट के रोग आदि में टमाटर लाभदायक है।
5. अण्डुक पुच्छशोथ : 100 ग्राम लाल टमाटर पर सेंधानमक और अदरक मिलाकर भोजन से पहले सेवन करने से लाभ मिलता है।
6. कृमिनाशक (पेट के कीड़े) :लाल टमाटर को काटकर उसमें नमक तथा कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से पेट के कीड़े मरकर गुदामार्ग से बाहर निकल जाते हैं।
टमाटर के रस में हींग मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
7. मुंह के छाले :जिन लोगों के मुंह में बार-बार छाले होते हों उन्हें टमाटर अधिक सेवन करना चाहिए।टमाटर के रस को पानी में मिलाकर कुल्ला करें। इससे मुंह के छाले खत्म हो जाते हैं।आधे गिलास टमाटर के रस को आधे गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें। इससे मुंह के सभी रोग ठीक होते हैं।
8. खुजली : 2 चम्मच नारियल के तेल में 1 चम्मच टमाटर का रस मिलाकर इससे शरीर की मालिश करें। इसके बाद गर्म पानी से स्नान करें इससे खुजली खत्म हो जाती है।
9. बुखार : बुखार के समय खून में हानिकारक पदार्थ बढ़ जाते हैं। टमाटर का सूप इन पदार्थों को बाहार निकाल देता है। इसलिए रोगी को इसका सेवन करने से बुखार कम हो जाता है। टमाटर शरीर की गर्मी को दूर करता है।
10. खांसी और बुखार : टमाटर के टुकड़े को कलई वाले बर्तन में थोड़ी गर्म करें इसके बाद उस पर गोदन्ती की भस्म (राख) छिड़कर खाने से खांसी और ज्वर (बुखार) में लाभ मिलता है।
11. चर्मरोग (त्वचा) :टमाटर की खटाई खून को साफ करती है। नींबू में इसी तरह के गुण पाए जाते हैं। टमाटर खट्टा होता है। यह खून को साफ करने वाला होता है। अत: टमाटर का सेवन करने से रक्तदोष दूर होकर त्वचा के रोग ठीक हो जाते हैं।त्वचा पर जब लाल चकत्ते उठे हो, मुंह की हडि्डयां सूज गई हों, दांतों से खून निकलता हो, कई प्रकार के चर्मरोग होने की संभावना हों जैसे- दाद या बेरी-बेरी आदि हो तो टमाटर का रस दिन में 3 से 4 बार पीने से लाभ मिलता है।कुछ हप्ते तक रोज टमाटर का रस पीने से चर्मरोग ठीक हो जाते हैं।
12. पीलिया : टमाटर का रस प्रतिदिन 1 गिलास पीने से पीलिया रोग ठीक होता है।
13. जीभ का मैलापन : लगभग 100 ग्राम लाल टमाटर पर सेंधानमक मिलाकर खाने से जीभ का मैलापन नष्ट हो जाता है।
14. कमजोरी :टमाटर का सूप प्रतिदिन पीने से भूख बढ़ने लगती है। इसके सेवन के फलस्वरूप खून की कमी दूर होती है तथा थकावट व कमजोरी भी खत्म हो जाती है और चेहरे पर रौनक आ जाती है।टमाटर का रोजाना सेवन करने से खून की गंदगी दूर हो जाती है और खून साफ हो जाता है जिसके फलस्वरूप शरीर में खून तथा ताकत की वृद्धि भी होती है।
15. दिमागी कमजोरी : टमाटर के सेवन से चिड़चिड़ापन और दिमागी कमजोरी खत्म होती है। यह मानसिक थकान को दूर करके मस्तिष्क को संतुलित बनाये रखता है।
16. मोटापा : प्रतिदिन कच्चा टमाटर तथा प्याज को काटकर उसमें नींबू का रस व नमक मिलाकर खाने से मोटापन कम होने लगता है। टमाटर मोटे लोगों के लिए लाभकारी होता है क्योंकि यह विजातीय द्रव्यों, पदार्थ और आंतों में रुके भोजन को शरीर से बाहर निकालने में पूरी तरह सहायता करता है।
17. रतौंधी (रात को दिखाई न देना) :टमाटर का सेवन प्रतिदिन करने से आंखों की रोशनी में वृद्धि होती है। इसके सेवन से रतौंधी दूर हो जाती है।
18. गठिया (जोड़ों के दर्द) : गठिया के रोगियों के लिए टमाटर खाना लाभदायक होता है।
19. मधुमेह (शूगर) : मधुमेह की बीमारी में टमाटर का सेवन करना बहुत ही गुणकारी होता है। टमाटर की खटाई को सेवन करने से शरीर में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। इसका सेवन प्रतिदिन करने से कुछ ही दिनों में मुधमेह रोग ठीक हो जाता है।
20. सूखारोग (रिकेट्स) : सूखारोग से ग्रस्त बच्चे को कच्चे लाल टमाटर का रस 4 बार प्रतिदिन 1 महीने तक पिलाने से बच्चा स्वस्थ्य हो जाता है।
21. दांतों के रोग :टमाटर खाने से दांत स्वस्थ और मजबूत होते हैं।टमाटर का रस निकालकर 2 से 3 बार दिन में पीने से दांतों से खून का गिरना बंद हो जाता है, इसका सेवन कुछ दिनों तक लगातार करना चाहिए।दांत घिसने से पीड़ित रोगी को 2 टमाटर का रस निकालकर उसमें काली मिर्च तथा काला नमक मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पिलायें। इसको पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और दांत घिसना बंत हो जाता है।
22. हृदयरोग : टमाटर के रस में अर्जुन के वृक्ष की छाल और चीनी मिलाकर खाने से हृदयशूल (हृदय का दर्द) और हृदय के रोग ठीक हो जाते हैं।
23. शिशुरोग : टमाटर में कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है इसलिए इसको खाने से शिशुओं की हडि्डयां मजबूत होती है। टमाटर में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है और टमाटर खाने से विटामिन `ए´ की कमी से होने नेत्रों की बीमारियां दूर होती हैं
24. आंखों के चारों और कालापन छा जाना :पके हुए लाल टमाटर विटामिन `ए´, `सी´ और लौह (आयन) के अत्ति उत्तम स्रोत है। अत: टमाटर का सेवन करना भी फायदेमंद रहता है।1 चम्मच टमाटर का रस, आधा चम्मच नींबू का रस, 1 चुटकी हल्दी का बारीक चूर्ण और थोड़ा सा बेसन मिलाकर गाढ़ा लेप बना लें। इस लेप को आंखों के नीचे चारों तरफ काले घेरों पर 10 मिनट लगा रहने दें। इसे सूखने से पहले धीरे-धीरे मलकर पानी से धो लें। इसे कुछ दिनों तक रोजाना दिन में एक बार प्रयोग करें। आंखों के नीचे काले घेरे मिटने लगते हैं।125 ग्राम टमाटर का रस लेकर उसमें आधा नींबू निचोड़ लें। फिर 5 से 7 पुदीने की पत्तियां पीसकर उसमे डाल दें। स्वाद के अनुसार सैंधानमक या कालानमक मिला लें। इस टमाटर के शीतल रस को सुबह और शाम एक बार पीने से कब्ज, पेट के कीड़े और कील-मुंहासों से छुटकारा मिल जाता है तथा त्वचा का सांवलापन दूर होता है।
25. रतौंधी (रात में न दिखाई देना) :रोजाना बच्चों को टमाटर काटकर उस पर काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक छिड़ककर खिलाने से रतौंधी की बीमारी समाप्त हो जाती है।200 ग्राम टमाटर रोज खाने से रतौंधी की बीमारी मे बहुत आराम आता है।टमाटर खाने से रतौंधी (रात को दिखाई न देना) और अल्पदृष्टि (आंखों से कम दिखाई देना) मे लाभ होता है।
26. जीभ और त्वचा की सुन्नता :-न्न्तालाल टमाटर पर सेंधानमक डालकर खाने से जीभ का मैलापन तथा संज्ञाहीनता खत्म होती है।
27. हडि्डयों की कमजोरी : हडि्डयों की कमजोरी दूर करने के लियें टमाटर का सेवन उपयोगी है। टमाटर में अन्य सब्जियों की अपेक्षा चूना अधिक पाया जाता है।चूना हडि्डयों को मजबूज बनाता है। अत: टमाटर का सेवन प्रतिदिन करने से हडि्डयों की कमजोरी दूर हो जाती है।
28. श्वेत प्रदर : टमाटर के रस में शहद मिलाकर पीने से श्वेत प्रदर में फायदा होता है।
29. उण्डकुपुच्छशोथ (एपेंडिक्स) : लाल टमाटर पर सेंधानमक और अदरक डालकर खाना खाने से एपेंडिक्स साइटिस में लाभ मिलता है।
30. मोटापा:टमाटर और प्याज में थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर खाना खाने से पहले सलाद के रूप में भूख कम लगती है और इस प्रकार मोटापा कम होता जाता हैं।
टमाटर खाने से शरीर में मौजूद विजातीय द्रव्य, पदार्थ व आंतों में रुका, अटका खाना शरीर से बाहर निकालने में पूरी मदद करता हैं। टमाटर में नमक और प्याज के साथ खाने से मोटापा कम होता हैं।
31. खून की कमी (एनिमिया) : टमाटर, पालक, और गाजर का रस आधा-आधा कप प्रतिदिन 40 दिन तक पीने से खून की कमी दूर हो जाती है।
32. शारीरिक सौंदर्यता के लिए :ककड़ी और टमाटर के रस को मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के काले धब्बे (निशान) दूर हो जाते हैं और चेहरे का रंग साफ हो जाता है।1 कच्चे टमाटर को मथकर (रस निकालकर) उसमें 1 बड़ा चम्मच छाछ मिला लें और इसे रोजाना चेहरे और हाथ-पैरों की त्वचा पर लगायें और आधे घंटे के बाद धो लें। इस प्रकार से प्रतिदिन उपचार करने से चेहरे का सांवलापन दूर हो जाता है।लाल टमाटर या अंगूर का रस चेहरे पर लगाने से चेहरे का सांवलापन दूर हो जाता है।
33. मधुमेह :टमाटर के सेवन से मधुमेह रोगी के मूत्र में शक्कर आना धीरे-धीरे कम हो जाता है।
टमाटर के सेवन से मधुमेह रोग में आराम मिलता है।
34. पेट के कीड़े :टमाटर का सूप बनाकर उसमें वायविडंग का चूर्ण डालकर सेवन करने से पेट के कीड़े मरने लगते हैं।टमाटर के रस में कालीमिर्च का चूर्ण और सेंधानमक मिलाकर खाने से पेट के कीड़े नष्ट होते जाते हैं।लाल टमाटर को टुकड़ों में काला या सेंधानमक, कलमी सोडा और काली मिर्च मिलाकर खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।टमाटर के रस को शहद के साथ चाटने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।लाल टमाटर की चटनी में कालीमिर्च और सेंधानमक मिलाकर रोजाना सुबह खाने से पेट के कीड़े की समस्या खत्म हो जाती है।लाल टमाटर को काटकर उस पर सेंधानमक और कालीमिर्च डालकर दिन में 1 बार खुराक के रूप में 2 से 3 सप्ताह तक खाने से पेट में कीड़ों के कारण होने वाले रोग ठीक हो जाते हैं और कीड़ें भी मरकर बाहर निकल जाते हैं। ध्यान रहें कि टमाटर खाने के लगभग 2 घंटे पहले और 2 घंटे बाद कुछ भी न खाएं, थोड़ी-सी मात्रा में पानी पी सकते हैं।
35. मूत्ररोग : टमाटर का सेवन प्रतिदिन करने से पेशाब से संबंधित रोग ठीक हो जाते हैं।
36. दिल का तेज धड़कना : टमाटर का सूप बीज निकालकर 250 ग्राम लें और अर्जुन के पेड़ की छाल का चूर्ण 2 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह मिलाकर सुबह के समय सेवन करें। इससे लाभ मिलेगा।
37. चेहरे की झांई :रोज सुबह 1 गिलास टमाटर के रस में नमक, जीरा, काली मिर्च मिलाकर पीने से चहरे की झाई दूर होती है।
अगर चेहरे पर काले दाग या धब्बे हों तो टमाटर के रस में रुई भिगोकर लगाने से काले धब्बे खत्म हो जाते हैं।
38. उच्च रक्तचाप (हाईब्लड प्रेशर) : 1 कप टमाटर के रस में शहद मिलाकर पीने से उच्च रक्तचाप की बीमारी 15 दिन में ठीक हो जाती है।
39. खाज-खुजली :रोजाना शाम को 50 ग्राम लाल टमाटर


Comments

NaomiInjew on May 23, 2018 12:40 am

Download ringtones, message tones, alert tones etc... Free mobile ringtones for all type of phones, shared and submitted by our users. Choose from over 41000 ringtones uploaded under various categories. Get the latest ringtones in mp3 file format and set the coolest, trendiest tone as your mobile ri

Mariasaf on May 23, 2018 12:40 am
MishellInjew on May 23, 2018 12:40 am

Download ringtones, message tones, alert tones etc... Free mobile ringtones for all type of phones, shared and submitted by our users. Choose from over 41000 ringtones uploaded under various categories. Get the latest ringtones in mp3 file format and set the coolest, trendiest tone as your mobile ri

Leave a comment