बालों का झड़ना और थकान है तो शरीर में है इस चीज की कमी


हमारे देश में विटामिन डी की कमी महामारी की तरह फैल रही है !

देश के 70 फीसदी बड़े और 80 फीसदी से ज्यादा गर्भवती महिलाओं व स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई गई है !
गर्भवती महिलाओं में विटामिन डी की कमी गर्भावस्था में होने वाली डायबिटीज, प्रसव के समय बच्चे के वजन में कमी, पैदा हुए बच्चे में कैल्शियम की कमी और ऑटिज्म का कारण बन रही है !

बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जो विटामिन डी की कमी से जूझ रही हैं और उन्हें इस बात का पता ही नहीं है !
इस वजह से वे न तो खुद का ध्यान  रख पा रही हैं और न ही अपने परिवार का !
हाल के कुछ सालों में विटामिन डी की कमी मौत की वजह बनने वाले सबसे बड़े खतरों में से एक बन कर उभरी है !
सबसे ज्यादा चिंताजनक बात तो यह है कि इसे अक्सर हल्के में ले लिया जाता है क्योंकि इसके लक्षण काफी देरी से उभर कर आते हैं और जब आते हैं - तब तक हड्डियों को भारी नुकसान पहुंच चुका होता है !
हमारे यहां चिंताजनक बात यह भी है कि धूप की प्रचुरता के बावजूद विटामिन डी की कमी हो रही है और विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है - जो शरीर में नहीं बनता है !

विटामिन डी की कमी होने की कुछ वजहें :-
* मोटा होना
* संस्क्रीन लगाना
* खाने में विटामिन डी की कमी
* बच्चे को बहुत लंबे समय तक केवल स्तनपान कराना
* रंग काला होना - जिससे सूर्य की किरणें त्वचा अवशोषित नहीं कर पाती

इन लक्षणों से जानें कमी को :-
* मोटापा
* कमर दर्द
* नींद की कमी
* बालों का झडऩा
* ब्लड प्रेशर बढऩा
* मांसपेशियों में दर्द
* थकान और सुस्ती
* मिजाज का बदलना
* सिर से पसीना आना
* हड्डी या जोड़ों मे दर्द

आगाह करने के लिए काफी हैं की कामकाजी महिलाओं और हाउसवाइव्स में विटामिन डी के स्तर की जांच के लिए एक शोध किया गया !
इसमें 18 से 32 साल की 50 कामकाजी महिलाओं और 50 गृहिणियों को शामिल किया गया !
इनका बीएमआई भी मापा गया !
शोध में पाया गया कि महिला चाहे कामकाजी हो या फिर गृहिणी - उसके बीएमआई में कोई खास अंतर नहीं था, जबकि विटामिन डी दोनों ही समूह में काफी कम था !
स्वस्थ दिखने वाले 50 लडक़े और 46 लड़कियों को चुना गया !
इनकी उम्र 5 से 10 साल थी !
शोध में पाया कि 87.50 फीसदी बच्चों ( 86 फीसदी लडक़े और 89.13 फीसदी लड़कियां ) में या तो विटामिन डी कम था या फिर इसकी बहुत ज्यादा कमी थी !
इसकी वजह धूप से बचाव - खाने में विटामिन डी की कमी आदि थे !

कितना चाहिए विटामिन डी :-

* हर नवजात को एक दिन में 400 आई यू ( इंटरनेशनल यूनिट्स )
* बच्चों को 600 से 1000 आई यू 
* किशोरों को और गर्भवती महिलाओं को 12 हफ्ते के गर्भ के बाद 1000 आईयू 
* बड़ों को रोजाना 1000 - 2000 आईयू विटामिन डी की जरूरत होती है

इसकी कमी से होते हैं ये रोग हड्डियों की बीमारी :-

विटामिन डी की कमी से जो सबसे महत्वपूर्ण बीमारी का खतरा रहता है - वह है हड्डियों की समस्या !
क्योंकि विटामिन डी की कमी से रीढ़ की व अन्य हड्डियां कमजोर हो जाती हैं - जिससे व्यक्ति को चलने - फिरने जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं !

* हृदय रोग :-

एक शोध में यह बात सामने आई है कि शरीर में विटामिन डी की कमी के शिकार लोगों को दिल का दौरा पडऩे - उससे मौत होने या हृदय संबंधी अन्य बीमारियां होने का खतरा भी अधिक रहता है !

* मोटापा :-

शोध में यह कहा गया कि विटामिन डी की कमी से मोटापे का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि जिन महिलाओं में विटामिन डी की कमी होती है - उनमें मोटापा तेजी से बढ़ता है !

* मल्टीपल सिरोसिस :-

मल्टीपल सिरोसिस गर्भवती महिलाओं में होने वाली एक बीमारी है - जो विटामिन डी की कमी से होती है !

* अवसाद :-

विटामिन दिमाग में डोपामिन और सिरोटोनिन नामक हार्मोन के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है - ये दोनों अवसाद से जुड़े हुए हैं !
इनके अलावा कैंसर - क्षयरोग - डायबिटीज का खतरा भी विटामिन डी की कमी से हो जाता है !

इन्हें किया जा सकता है विटामिन डी से फोर्टिफाइड :-

* दूध
* योगर्ट
* मार्जरीन
* संतरे का रस
* ब्रेकफास्ट अनाज

फूड फोर्टिफिकेशन में आगे है - " म्‍हारौ प्‍यारो राजस्थान "
 
पोषक तत्वों की कमी से जूझ रहे लोगों में इस समस्या से निजात दिलाने का आसान उपाय फूड फोर्टिफिकेशन है !
प्रदेश के फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के अनुसार राजस्थान में जितनी भी ऑयल मिल्स हैं या रीपैकर्स हैं - उन्होंने सरकारी समझाइश के बाद स्वेच्छा से विटामिन ए और डी मिलाना शुरू कर दिया है !
राजस्थान में गेहूं , तेल और दूध का उपभोग प्रति व्यक्ति देश के दूसरे हिस्सों से काफी है !
प्रदेश में इस वक्त तेल , दूध , नमक और गेहूं के आटे को फोर्टिफाइड किया जा रहा है !
फोर्टिफाइड आटा और तेल सहकारी उपभोक्ता भंडार के अतिरिक्त सभी अन्नपूर्णा भंडारों पर भी उपलब्ध है !

किस - किस में मिलेगा ये  ?
* मशरूम :-
इसकी कुछ प्रजातियों में विटामिन डी काफी होता है !

* दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स :-
दूध , चीज और दही में यह काफी होता है !

* मछली जैसे ट्यूना , हिल्सा , सार्डिन और अंडे की जर्दी खाकर कमी पूरा करें !

कैसे दूर होगी कमी  ?
* सुबह की धूप में 20 से 30 मिनट रहें !

* विटामिन डी युक्त या फोर्टिफाइड खाना खाएं !

* डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी की गोलियां लें !

कैल्शियम और विटामिन डी का है रिश्ता !
असल में विटामिन डी एक हार्मोन की तरह काम करता है और बोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है !
विटामिन डी और कैल्शियम एक - दूसरे से जुड़े हुए हैं - विटामिन डी शरीर में खाने से कैल्शियम अवशोषित होने में मदद करता है !
अगर विटामिन डी की कमी होती है तो खाने से कैल्शियम अवशोषित नहीं पाता - जिसकी वजह से शरीर में पैराथायराइड हार्मोन सक्रिय हो जाता है !
इस हार्मोन का काम खून में कैल्शियम का निश्चित स्तर बनाए रखना है !
खाने से कैल्शियम अवशोषित न होने की वजह से पैराथॉयराइड हार्मोन हड्डियों से कैल्शियम लेकर खून में कैल्शियम का स्तर बनाए रखता है !
इसी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं !

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Comments

NaomiInjew on June 26, 2018 11:55 pm

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