Ways to Save Lives / जिंदगी बचाने के तरीके

जिंदगी बचाने के तरीके

1. गले मे कुछ फस जाए- तब केवल अपनी भुजाओं को ऊपर उठाएं।

न्यू जेर्सी अमेरिका में एक पांच वर्षीय बच्चे ने अपनी बहुत ही चतुराई से अपनी दादी के प्राणों की रक्षा बेहद साधारण तरीके से केवल उनके हाथों को ऊपर उठा कर, बचाये।

उसकी 56 वर्षीय दादी घर पर टेलीविज़न देखते हुए फल खा रही थी।

जब वो अपना सर हिला रही थी तब अचानक एक फल का टुकड़ा उसके गले मे फस गया। उसने अपने सीने को बहुत दबाया पर कुछ भी फायदा नही हुआ।

तब उस बच्चे ने दादी को परेशान देखा तो उसने पूछा कि "दादी माँ क्या  आपके गले मे कुछ फस गया है?" वो कुछ भी उत्तर नही दे पाई।

"मुझे लगता है कि आपके गले मे कुछ फस गया है। अपने हाथ ऊपर करो, हाथ ऊपर करो" दादी माँ ने तुरंत अपने हाथ ऊपर कर दिए और वो जल्द ही फसे हुए फल के टुकड़े को गले से बाहर थूकने में कामयाब हो गयी।

उनके पोता बहुत शांत चित्त रहा और उसने बताया कि ये बात उसने अपने विद्यालय में सीखी थी।

2. सुबह उठते वक्त होने वाले शरीर के दर्द-

क्या आपको सुबह उठते वक्त शरीर मे दर्द होता है? क्या आपको सुबह उठते वक्त गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस होती है? यदि आपको ये सब होता है तो आप क्या करे?

तब आप अपने पांव ऊपर उठाएं। अपने पांव के अंगूठे को बाहर की तरफ खेचे और धीरे धीरे उसकी मालिश करे और घड़ी की दिशा में एवं घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाए।

3. पांव में आने वाले बॉयटा या ऐठन-

यदि आपके बाए पांव में बॉयटा आया है तो अपने दाए हाथ को जितना ऊपर उठा सकते है उठाये।

यदि ये बॉयटा आपके दाए पांव में आया है तो आप अपने बाए हाथ को जितना ऊपर ले जा सकते है ले जाये। इससे आपको तुरंत आराम आएगा।

4. पांव का सुन्न होना

यदि आपका बाया पांव सुन्न होता है तो अपने दाएं हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलाये या झटके दे। यदि आपका दाया पांव सुन्न है तो अपने बाया हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलाये या झटका दे।

(तीन बचाव के तरीके)

1. आधे शरीर मे लकवा-
(इस बात की परवाह किये बिना की ये मस्तिकाघात से है या रक्त वाहिका की रुकावट की वजह से है) आधे चेहरे का लकवा

एक सिलाई की सुई लेकर तुरन्त ही कानों की लोलिका के सबसे नीचे वाले भाग में सुई चुभा कर एक एक बूंद खून निकाले।

इससे रोगी को तुरंत आराम आजायेगा। उस पर से सब पक्षाघात के लक्षण भी मिट जायेगे।

2. ह्रदय आघात की वजह से हृदय का रुकना-

ऐसे व्यक्ति के पांव से जुराबें उतारकर (यदि पहनी है तो) सुई से उसकी दसों पांव की उंगलियों में सुई चुभो कर एक एक बूंद रक्त की निकाले।

इससे रोगी तुरन्त उठ जाएगा।

3. यदि रोगी को सांस लेने में तकलीफ हो-
 
चाहे ये दमा से हो या ध्वनि तंत्र की सूजन की वजह या और कोई कारण हो, जब तक कि रोगी का चेहरा सांस न ले पाने की वजह से लाल हो उसके नासिका के अग्रभाग पर सुई से छिद्र कर दौ बून्द काला रक्त निकाल दे।

उपरोक्त तीनो तरीको से कोई खतरा नही है और ये तीनों केवल 10 सेकेंड में ही किये जा सकते है।
 

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