विवाह पूर्व कुंडली मिलान मे रखे निम्न बातो का ध्यान

                                                                   

                                                                 

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जीवन  का सफ़र संस्कारो से परिपूर्ण एवं खुशनुमा रहे , इस क्रम मे भारत की भविष्य संजीवनी ज्योतिष् विद्या द्वारा कुंडली मिलान हेतु की जाने वाली सतत प्रक्रिया को निम्न बिंदुओं द्वारा जन मानस के लाभ हेतु बताने का प्रयास किया गया है | आशा है की सभी इसका अधिक से अधिक लाभ लेकर सफल व्यवाहिक जीवन का निर्वाह करेंगे | 


आज के दौर मे जिस तरह से समय बदल रहा है और हम पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करके अपने जीवन को सरल बनाने के स्थान पर तनाव ग्रस्त बना रहे है जिसके कारण व्यावाहिक जीवन का कष्टकारी होना एवं अधिक से अधिक अलगाव की स्तिथियाँ बन गयी है |

 ज्योतिष् द्वारा सफलता पूर्वक व्यावाहिक जीवन यापन हेतु यह नितांत आवश्यक है की गुण मिलान मानक से कम ना हो एवं अधिक से अधिक स्कोर की अपेक्षा ग्रहों की स्थितिया अनुकूल हो | 
 

सामान्य जन मानस को जागरूक करने के उद्देश्य से इस वेबसाइट पर वैवाहिक जीवन को कष्टों से बचाने हेतु निम्नलिखित बिन्दुओ पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है ताकि जन मानस इसका लाभ लेते हुए अपने जीवन को खुशियो भरा बनाने मे सफल सिद्ध हो सके | 

1. सर्व प्रथम लड़का और लड़की के लग्न कुंडलियो एवं उसपर बैठे स्वामी की राशि परम मित्र हो यह रखना चाहिए |

2. तत्पशचात द्वितीय भाव (Second House) को देखना चाहिए, दोनो कुंडलियो के द्वितीय भाव के स्वामी परस्पर मित्र हो, जिससे की घर परिवार के अंदर शांति पूर्वक माहौल रहे|

3. चतुर्थ घर के स्वामी को भी देखना चाहिए जिससे की कुटुंभ का सुख दोनो व्यक्तियो को मिल सके|

4. सप्तम भाव के स्वामी का परस्पर मित्र होना , एवं उसपे किसी भी पापी ग्रह की दृष्टि ना होना भी नितांत आवश्यक है |

5. एकादश भाव के स्वामी जो की आय (income) के भी स्वामी है, वह भी परस्पर मित्र हो ये नितांत आवश्यक है|

6. मन का कारक चंद्रमा की स्तिथि एक दूसरे से 6, 8, 12 भाव की नही होनी चाहिए |

7. नवांश (D9) कुंडली मे सप्तम भाव की ग्रह की स्तिथि पीड़ित नही होनी चाहिए |

 

सारांश

 न्यूनतम 18 गुणों का होना आवश्यक है परंतु यह अती आवश्यक है की लग्न , द्वितीय भाव, चतुर्थ भाव, एकादश भाव, परस्पर मित्र हो या फिर मित्र राशियो के हो| एवं इन्पर किसी भी पापी ग्रह की दृष्टि ना हो जिससे की दांपत्य जीवन सुखमय रहे |

 

 

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धन्यवाद


Comments

sreeniwasan on October 30, 2017 10:46 am

Nice knowledgeable article

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